UIDAI ने किया आधार के नियमों में बदलाव, जानिये आप लोगों पर कैसे पड़ेगा असर

सरकार ने हाल ही में आधार (Aadhaar) से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव किए हैं। ये बदलाव आम लोगों की जेब और फाइनेंशियल सर्विस जैसे बैंकिंग, निवेश और सेविंग योजनाओं पर असर डालेंगे। अगर आपने अभी तक अपने आधार की जानकारी अपडेट नहीं की है या उसे पैन कार्ड से लिंक नहीं किया है, तो अब तुरंत करा लीजिए। वरना आप परेशानी में फंस सकते हैं।

आधार अपडेट फीस में बदलाव

1 अक्टूबर 2025 से UIDAI ने आधार अपडेट फीस में बदलाव कर दिए हैं। अब नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या ईमेल अपडेट कराने के लिए 75 रुपये देने होंगे, जो पहले 50 रुपये था। वहीं, बायोमेट्रिक अपडेट जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस या फोटो बदलवाने पर 125 रुपये लगेंगे, जो पहले 100 रुपये था।

PAN-आधार लिंकिंग अब जरूरी

सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने अपना पैन कार्ड (PAN) आधार से लिंक नहीं किया है, उनका पैन एक्टिव नहीं रहेगा। ऐसे लोग म्यूचुअल फंड, डीमैट अकाउंट या टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश नहीं कर पाएंगे। हाल के दिनों में कई निवेशकों के ट्रांजैक्शन इसलिए रुके हैं क्योंकि उनका पैन-आधार लिंक नहीं है। इसलिए समय रहते पैन और आधार को लिंक करना बेहद जरूरी है।

आधार ई-केवाईसी अब हुआ आसान

UIDAI और NPCI ने Aadhaar e-KYC Setu और ऑफलाइन KYC फीचर लॉन्च किए हैं। अब बैंक और NBFC ग्राहक की पहचान बिना पूरा आधार नंबर देखे कर सकेंगे। इससे डेटा सुरक्षा और गोपनीयता बढ़ेगी, साथ ही खाता खोलने की प्रोसेस तेज होगा।

आधार वैरिफिकेशन के नए नियम

UIDAI ने नए नियम जारी किए हैं, जिनके तहत अब कोई भी वित्तीय संस्था केवल एक्टिव और यूनिक आधार नंबर पर ही KYC कर सकेगी। अगर किसी व्यक्ति का आधार डुप्लीकेट या निष्क्रिय पाया गया, तो उसका बैंक खाता खोलना या निवेश रुक सकता है। इसलिए यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर UIDAI वेबसाइट या mAadhaar ऐप पर जाकर अपना आधार स्टेटस चेक करते रहें।

आने वाले बड़े बदलाव

1 जनवरी 2026 से Aadhaar Enabled Payment System (AePS) के नियम सख्त हो जाएंगे। RBI ने बैंकों और बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट्स को धोखाधड़ी रोकने और बेहतर KYC जांच करने के निर्देश दिए हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में कैश निकासी या जमा सेवाएं थोड़ी सीमित या महंगी हो सकती हैं।

इसके अलावा अब पोस्ट ऑफिस RD, PPF और NSC जैसे छोटे सेविंग अकाउंट भी आधार e-KYC से खुलेंगे। इससे पेपरलेस प्रक्रिया आसान होगी, लेकिन अगर आधार लिंक नहीं है या पुराना है, तो खाते में जमा या निकासी रुक सकती है।

UIDAI अब ऑफलाइन KYC फ्रेमवर्क को भी और सरल बना रहा है। आने वाले महीनों में ग्राहक केवल सिक्योर QR कोड या मास्क्ड ID दिखाकर बैंक या निवेश प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान कर सकेंगे। इससे निजी जानकारी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित रहेगी।

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